
बलरामपुर। (न्यूज नेशन डेली) वाड्रफनगर जनपद अंतर्गत मनरेगा के विभिन्न कार्यों में फर्जी बिल लगाकर शासकीय राशि का गबन किया गया था। इस मामले में जनपद सीईओ द्वारा लिखित शिकायत करने के बाद मनरेगा के कार्यक्रम अधिकारी के खिलाफ बसंतपुर थाने में अपराध दर्ज किया गया था। अपराध दर्ज होने के बाद ही आरोपी कार्यक्रम अधिकारी फरार था। मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने रायपुर में दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया है। प्रकरण मे संलिप्त अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी अभी बाकी है।
विदित है कि बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के जनपद पंचायत वाड्रफनगर अंतर्गत ग्राम पंचायत तुंगवा, गुडरू, जमई, पेण्डारी में मनरेगा के तहत मुरूम मिट्टी, सडक़ सह पुलिया, तटबंध, डब्लूबीएम निर्माण का फर्जी बिल लगाकर शासकीय राशि का गबन कर लिया गया था। यह मामला सामने आने के बाद वाड्रफनगर जनपद सीईओ ने दस्तावेजों के साथ मामले की लिखित शिकायत बसंतपुर थाने में की थी।जांच के बाद पुलिस ने वाड्रफनगर जनपद के मनरेगा कार्यक्रम अधिकारी अश्विनी कुमार तिवारी के खिलाफ धारा 467, 468, 420, 409 व 34 के तहत अपराध दर्ज किया गया था। अपराध दर्ज होने के बाद आरोपी कार्यक्रम अधिकारी फरार हो गया था। पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी। कार्रवाई में अभिषेक झा, सतीश सहारे, प्रदीप सिंह भारद्वाज, अभिषेक पटेल, अरविंद सिंह, विरेन्द्र यादव, अनुज कुमार जायसवाल व अमित निकुंज शामिल रहे।
फरार आरोपी पुलिस की गिरफ्त में।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने रायपुर के रहेजा रेसीडेंसी अवन्ति बिहार स्थित घर में दबिश देकर आरोपी अश्विनी कुमार तिवारी पिता स्व. जीवन प्रसाद तिवारी उम्र 48 वर्ष को गिरफ्तार किया गया। आरोपी को पुलिस अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपी द्वारा अपराध स्वीकार करने पर उसे जेल भेज दिया गया। प्रकरण में संलिप्त अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी अभी शेष है।



