
भटगांव (सूरजपुर)। विश्व आदिवासी मूलनिवासी दिवस के अवसर पर भटगांव में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन एसईसीएल फुटबॉल ग्राउंड में हुआ, जिसमें क्षेत्र के मूलनिवासी और आदिवासी समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत जरही खेल परिसर से शोभा यात्रा के साथ हुई, जो जरही चौक होते हुए भटगांव के लिए निकली। शोभा यात्रा में शामिल लोग पारंपरिक वेशभूषा और बाजे-गाजे के साथ नाचते-गाते और जयकारा लगाते हुए भटगांव फुटबॉल स्टेडियम पहुंचे।

शोभा यात्रा में बंशिपुर, जरही, सरनापारा, बरौधी, दुग्गा, डुमरिया, बुंदिया, बरपारा, खोखपारा, लक्ष्मीपुर, चुनगढ़ी, मलगा, पोंडी, दूरती, भटगांव और तेलगवा के ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राजस्थान की समाजसेवी श्रीमती बबिता कच्छप उपस्थित थीं। विशिष्ट अतिथियों में डॉक्टर महेश्वर सिंह,फादर धन्नासामी, नरेन्द्र साहू, सुनील लकड़ा, महादेव चौहान और पीआर तोमर शामिल थे। अतिथियों का स्वागत चंदन टीका लगाकर और पगड़ी पहनाकर किया गया।अतिथियों ने अपने संबोधन में बताया कि 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस क्यों मनाया जाता है और आदिवासियों के अधिकारों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने आदिवासियों पर हो रहे अत्याचारों के बारे में भी चर्चा की और शिक्षा के महत्व पर जोर दिया।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से जयराम सिदार, धनसिंह सरूता, देव कुमार मरकाम, चंद्रिका प्रधान, ईश्वर कुंडे, हंसाराम प्रधान, टीकाराम मनहर, लालचंद तिग्गा, प्रेमसाय, भूषण प्रसाद सूर्यवंशी, हरीश बड़ा, प्रताप सिंह मराबी, बर्नाड तिग्गा, करन सोनवानी, तुलसी सिंह, मीना सूर्यवंशी और क्रांति प्रधान सहित संगठन के सभी सदस्यों ने भाग लिया।

कार्यक्रम का संचालन गोवर्धन सिंह और श्रीमती लकड़ा ने किया। इस अवसर पर आदिवासी समुदाय के लोगों ने अपनी पारंपरिक संस्कृति और कला का प्रदर्शन किया गया।



