
बिलासपुर। एटक के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं मानकीकरण समीति (कोल इंडिया)के सदस्य कामरेड हरिद्वार सिंह ने कहा कि कोयला मज़दूरों को बेहतर बोनस दिलवाने के लिए सभी युनियनों को एक साथ मिलकर प्रबंधन पर प्रहार करना चाहिए।
अभी तक का इतिहास रहा है कि जब जब ट्रेड यूनियनों की एकता बनी है,अच्छे परिणाम निकले हैं।चाहे वेतन समझौता हो या बोनस हो करीब सौ साल के इतिहास को देखेंगे तो पायेंगे कि आज तक यदि कुछ भी हमने हासिल किया है, कि मज़दूरों के संघर्ष के दम पर हासिल किया है।
सरकार और प्रबंधन के मेहरबानी से कुछ नहीं मिलेगा इसलिए ट्रेड यूनियनों मिलकर प्रबंधन को यदि आवश्यकता पड़ी तो ललकारना चाहिए।
कोल इंडिया ने बर्ष 2023-24 में 37 हज़ार से अधिक करोड़ रुपये से अधिक मुनाफ़ा कमाया है।
इसका लाभ कोयला मज़दूरों को मिलना चाहिए, दुसरी तरफ ठेका मज़दूरों की कोयला उद्योग में सर्वाधिक योगदान है। उनको भी बेहतर बोनस मिलना चाहिए कामरेड हरिद्वार सिंह ने कहा बैठक में मज़दूरों के पक्ष को वे मजबुती से रखेंगे।



