
सुरजपुर। भटगांव सामान्य सीट पर कांग्रेस ने पुनः परसनाथ राजवाड़े पर भरोसा दिखाते हुए उन्हें टिकट दिया है। श्री राजवाड़े तीसरी बार कांग्रेस की टिकट पर चुनाव मैदान में हैं।
आइए जानते हैं विधायक पारसनाथ राजवाड़े के बारे में।पारसनाथ राजवाड़े का जन्म 19/8/1962 को रजवार समाज से ताल्लुक रखने वाले बतरा के किसान स्व. किशुन राम राजावाड़े के घर में हुवा था।उनकी प्रारंभिक शिक्षा गांव के शासकीय प्राथमिक / पूर्व माध्यमिक शाला बतरा में हुई।गांव में उच्च शिक्षा का इंतज़ाम नहीं होने पर आगे की शिक्षा के लिए उन्होने बिश्रामपुर का रुख किया और शासकीय आदर्श उच्चतर माध्यमिक विद्यालय विश्रामपुर से हाई स्कूल एवं हायर सेकण्डरी का शिक्षा प्राप्त किया। उसके बाद उन्होंने शा. स्नातकोत्तर महाविद्यालय अम्बिकापुर से बी ए की डिग्री प्राप्त की ।
राजनितिक और सामाजिक सफर ।
पारसनाथ राजवाड़े का झुकाव छात्र जीवन से ही समाज सेवा और राजनितिक क्षेत्र की ओर जानें लगा सन् 1981-82 मे शासकीय आदर्श उच्चतर माध्यमिक विद्यालय विश्रामपुर में उप शाला नायक के पद पर रहे। कालेज के बाद पूरी तरह से राजनितिक और सामाजिक कार्य में कूद पड़े और कांग्रेस पार्टी के साथ जुड़ गए।
सन् 1990-91 में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी का सदस्या ग्रहण कर लिया। इस दौरान वे सन् 1994 में हुवे पंचायत चुनाव में ग्राम पंचायत बतरा से सरपंच निर्वाचित हो गए और अपने गांव साहित आस पास के इलाके की राजनीति में सक्रिय हो गए। उनकी सक्रियता को देखते हुए सन् 1999 से 2008 तक तक ब्लॉक कांगेस कमेटी भैयाथान में सचिव के पद पर एवं सन् 2008 से 2013 तक ब्लॉक कांग्रेस कमेटी भैयाथान में महामंत्री के पद पर कार्यरत रहे और बीजेपी सरकार के खिलाफ़ होने वाले आंदोलनो में सक्रिय रहे। इस दौरान वे रजवार समाज के लिए काम करने वाले सामाजिक संगठन में भी लगातर सक्रिय रहे और कई पदों पर कार्य किया। वर्तमान में वे रजवार समाज के प्रांतीय समिति के संरक्षक है।
विधायक बनने का सफर ।
राजनितिक सक्रियता के कारण उन्हें 2013 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने पहली बार उन्हें अपना उम्मीदवार बनाया और वे पार्टी के उम्मीदों पर खरा उतर कर भटगांव विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 05 से 7368 मतो से जीत कर पहली बार विधायक निर्वाचित हुए।
वहीं दूसरी बार सन् 2018 में भटगांव विधानसभा क्षेत्र में पार्टी ने उन्हें मौका दिया और वे दूसरी बार 15734 मतो से जीत कर दूसरी बार विधायक बने। दूसरी बार जीतने पर छत्तीसगढ सरकार में उन्हें संसदीय सचिव बना कर उनका कद बढ़ाया और वे और ताकतवर बन कर उभरे।2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने उन्हें फिर से मौका दे कर उन पर भरोसा दिखाया है। अब आने वाले समय में ही पता चलेगा कि पार्टी की उम्मीदों पर कितना खरा उतरते हैं।



