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G20 समिट का पहला दिन भारत के लिए रहा ऐतिहासिक,प्रगति मैदान में स्थित भारत मंडपम में जी-20 शिखर सम्मेलन का आयोजन किया गया।

G20 का सदस्य बना अफ्रीकी संघ।जी-20 देशों ने यूक्रेन में शांति का आह्वान किया।

G20 समिट का पहला दिन रहा ऐतिहासिक,प्रगति मैदान में स्थित भारत मंडपम में जी-20 शिखर सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस दौरान पीएम मोदी ने जी-20 देशों के नेताओं का स्वागत किया। इसके बाद जी-20 देशों के सदस्यों की बैठक हुई। इसमें कई अहम मुद्दों को मंजूरी दी गई।इस दौरान पीएम मोदी की टेबल पर इंडिया की जगह भारत लिखा हुआ दिखाई दिया।

 

नई दिल्ली। भारत की अध्यक्षता में आयोजित हुए जी-20 शिखर सम्मेलन का पहला दिन काफी महत्वपूर्ण रहा। जी-20 शिखर सम्मेलन के पहले दिन इकोनॉमिक कॉरिडोर, रेल और शिपिंग कनेक्टिविटी नेटवर्क और ग्लोबल बायोफ्यूल अलायंस पर सहमति बनी। इसके अलावा अफ्रीकी संघ जी-20 में शामिल होने वाला 21 सदस्य बना। जी-20 शिखर सम्मेलन की मुख्य बातों पर नजर डालते हैं।

पीएम मोदी ने किया G20 देशों के नेताओं का स्वागत

दरअसल, प्रगति मैदान में स्थित भारत मंडपम में जी-20 शिखर सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस दौरान पीएम मोदी ने जी-20 देशों के नेताओं का स्वागत किया। इसके बाद जी-20 देशों के सदस्यों की बैठक हुई। इसमें कई अहम मुद्दों को मंजूरी दी गई। हालांकि, इस दौरान पीएम मोदी की टेबल पर इंडिया की जगह भारत लिखा हुआ दिखाई दिया।

नई दिल्ली में आयोजित जी-20 में अफ्रीकी संघ को स्थायी सदस्य के रूप में शामिल किया गया। इसकी घोषणा पीएम नरेन्द्र मोदी ने की। बता दें कि अफ्रीकी संघ में 55 देश शामिल हैं। इसके अलावा भारत ने ग्लोबल साउथ देशों की मदद करने के उद्देश्य से पर्यावरण और जलवायु अवलोकन के लिए जी-20 उपग्रह मिशन का प्रस्ताव दिया। पीएम मोदी ने कहा कि जी-20 उपग्रह मिशन भारत के सफल चंद्रयान मिशन से प्राप्त आंकड़ों की तरह ही पूरी मानवता के लिए फायदेमंद साबित होगा। भारत पर्यावरण और जलवायु अवलोकन के लिए जी-20 उपग्रह मिशन की शुरूआत करने का प्रस्ताव कर रहा है। जी-20 देशों ने यूक्रेन में शांति का आह्वान किया। जी-20 देशों ने कहा कि यह युग युद्ध का नहीं है। उन्होंने क्षेत्रीय अखंडता, संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों का आह्वान किया।

इसके अलावा भारत से सऊदी अरब और यूरोपीय संघ को जोड़ने वाले रेल और शिपिंग कनेक्टिविटी नेटवर्क की घोषणा की गई। साथ ही इकोनॉमिक कॉरिडोर को मंजूरी मिली है, जिसमें आठ सदस्य देश शामिल हैं। बता दें कि जी-20 शिखर सम्मेलन में भारत की तरफ से रखे गए लगभग सभी प्रस्तावों पर सहमति बनी है। जी-20 शेरपा अमिताभ कांत के मुताबिक, भारत द्वारा जी-20 में रखे गए हर एक मुद्दे पर सहमित दी गई है।

समृद्ध भारत के लिए बड़ी सफलता, PM मोदी के नेतृत्व क्षमता का प्रतीक बना नई दिल्ली लीडर्स घोषणा पत्र।

भारत की अध्यक्षता में आयोजित हुए जी-20 शिखर सम्मेलन का पहला दिन काफी महत्वपूर्ण रहा। जी-20 शिखर सम्मेलन के पहले दिन इकोनॉमिक कॉरिडोर, रेल और शिपिंग कनेक्टिविटी नेटवर्क और ग्लोबल बायोफ्यूल अलायंस पर सहमति बनी। इसके अलावा अफ्रीकी संघ जी-20 में शामिल होने वाला 21 सदस्य बना। जी-20 शिखर सम्मेलन की मुख्य बातों पर नजर डालते हैं।

Afroj Khan

प्रधान संपादक रायपुर, छत्तीसगढ़

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