
जशपुर। ( न्यूज नेशन डेली) शिक्षा के मंदिर को किसी छात्र-छात्राएं ने नहीं बल्कि उस शिक्षक ने बदनाम किया है। जहाँ से बच्चों को शिक्षा के प्रति अलख जगा कर शिक्षक अच्छाई और बुराई से रूबरू कराता हैं। लेकिन ठीक इसके विपरीत एक शिक्षक के द्वारा शिक्षकों को बदनाम करने का काम किया है। ऐसा ही एक मामला जशपुर जिले के पत्थलगांव क्षेत्र से इसी महीने सामने आया था। जहां एक शिक्षक स्कूल में छात्र-छात्राओं के सामने टेबल पर चखना व शराब की बोतल के साथ नशे में सोता मिला था। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी जे.के. प्रसाद ने जिले के पत्थलगांव विकास खंड के प्राथमिक स्कूल बालमपारा के प्रधान पाठक सखाराम सिदार को निलंबित कर दिया है। घोर लापरवाही बरतने और स्कूल में नशे की हालत में पाए जाने पर शिक्षक के ऊपर कड़ी कार्रवाई की गई है।
विदित हो कि जशपुर जिले के पत्थलगांव अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला बालमपारा संकुल खारढोढ़ी में पदस्थ प्रधानपाठक सखा राम सिदार को डीईओ ने निलंबित कर दिया है। प्रधानपाठक स्कूल में टेबल पर किताब-कॉपी की जगह शराब और चखना रखकर सोते पाया गया था। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। मामले के वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की गई। इसी महीने प्रधानपाठक विद्यालयीन समय में शराब का सेवन कर विद्यालय के टेबल में सिर रखकर छात्र-छात्राओं के सामने सोना,विद्यालय के टेबल में शराब की बोतल, चखना सामग्री रखा जाना, नशे में विद्यालयीन छात्र-छात्राओं को डराना-धमकाना तथा स्वयं द्वारा यह स्वीकार किया गया कि वह नशे में है। प्रसारित वीडियो के अनुसार संबंधित शिक्षक के द्वारा उक्त कृत्य किया सही पाया गया है। डीईओ जशपुर जे.के.प्रसाद द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि, संबंधित शिक्षक का उक्त कृत्य छग सिविल सेवा, आचरण नियम 1965 के नियम 3 एवं नियम 23 के सर्वथा विपरीत है, जो कदाचरण की श्रेणी में आता है। अतएव, सखा राम सिदार प्रधान पाठक शासकीय प्राथमिक शाला बालमपारा को छग सिविल सेवा, वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील नियम 1966 के नियम 9 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, विकासखण्ड पत्थलगांव नियत किया जाता है। निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा।



