
सूरजपुर। एटक के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कामरेड हरिद्वार सिंह ने कहा कि 12 फरवरी को होने वाली हड़ताल आज़ाद भारत की सबसे बड़ी हड़ताल होगी। उन्होंने कहा कि मज़दूरों में डर है कि अगर वे हड़ताल नहीं करते हैं, तो उनकी स्थिति और भी खराब हो जाएगी।
हरिद्वार सिंह ने कहा कि लेबर कोड पूँजीपतियों को लूटने में सहायक होगा और सामाजिक सुरक्षा का क़ानून इतिहास का हिस्सा बन जाएगा। उन्होंने कहा कि मज़दूरों की सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं होगी और दुर्घटना होने पर घटना स्थान में परिवर्तन कर पूँजीपतियों की मदद की जाएगी।
हरिद्वार सिंह ने कहा कि न्युनतम मजदूरी अधिनियम 1948 आज भी लागू नहीं है और अब उसकी प्रासंगिकता ही समाप्त कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के नाम पर सार्वजानिक क्षेत्र के मज़दूरों को भारत के किसी भी अस्पताल में जाकर इलाज कराने की सहूलियत है, लेकिन क्या यह सुविधा निजी क्षेत्रों में उपलब्ध रहेगा?
हरिद्वार सिंह ने कहा कि बुनियादी सवाल यह है कि न ट्रेंड यूनियन बचेगा, न ट्रेड यूनियन के नेता होंगे, न मज़दूरों की आवाज़ रहेगी, फिर सरकार और पूँजीपतियों के विना हथियार के कौन खड़ा होगा।
हरिद्वार सिंह ने कहा कि राजनैतिक कारणों से बी एम एस हड़ताल के बाहर है, लेकिन निजी बातचीत में बी एम एस के नेता भी चार लेबर कोड को मज़दूर विरोधी बताते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में नेता भले हड़ताल में शामिल न हों, पर मज़दूर एवं कार्यकर्ताओं को हड़ताल में शामिल होना चाहिए।



