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एसईसीएल की भटगांव भूमिगत खदान को मिला सी.टी.ओ,1000 कोयला कामगारो ने ली राहत की सांस, मंडरा रहा था स्थानांतरण का खतरा।

सूरजपुर। भटगांव खदान को मिला अनापत्ति प्रमाण पत्र। छः सूत्रीय मांग जिसमे प्रमुख मांग भटगांव भूमिगत खदान का सीटीओ को लेकर श्रमिक संगठनों एटक, सीटू, इंटक और एचएमएस के संयुक्त मोर्चा के द्वारा महाप्रबंधक कार्यालय के समक्ष 22 अक्टूबर से जारी क्रमिक हड़ताल आज एस ई सी एल भटगांव महाप्रबंधक के आश्वासन के बाद समाप्त हो गई। महाप्रबंधक दिलीप एम बोबडे ने धरना स्थल पर पहुंचकर श्रमिक नेताओं को बताया कि वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से कोयला उत्खनन के लिए सी टी ओ (अनापत्ति प्रमाण पत्र ) मिल गया है, जिससे भटगांव भूमिगत 1-2 परियोजना की सीटीओ प्रक्रिया निरस्त होने की समस्या हल हो गई है और खदान सुचारू रूप से निरंतर संचालित होगा। आप सबसे अपील है कि अपना हड़ताल समाप्त करें। साथी महाप्रबंधक दिलीप एम बोबडे ने कहा कि बड़ागांव के सीटू मिलने में श्रमिक संगठन के साथ साथ स्थानीय सांसद विधायक तथा राज्य सरकार के अधिकारियों का उन्हें भरपूर समर्थन मिला जिसकी वजह से सी टी ओ प्राप्त हुआ। उन्होंने सबका आभार व्यक्त किया।

श्रमिक संगठनों ने महाप्रबंधक के आश्वासन के बाद अपनी हड़ताल समाप्त करने का निर्णय लिया। इस दौरान श्रमिक नेताओं ने महाप्रबंधक से 6 सूत्री मांगों पर चर्चा की, जिसमें सीटीओ की मांग प्रमुख थी। महाप्रबंधक ने आश्वासन दिया कि 3 दिनों के अंदर सभी मांगों पर चर्चा की जाएगी।

 

श्रमिक संगठनों ने महाप्रबंधक के आश्वासन पर संतोष व्यक्त किया और 6 दिनों से चल रहा हड़ताल समाप्त करने का निर्णय लिया। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों का निराकरण नहीं किया गया तो वे फिर से आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। इस प्रकार भटगांव सीटीओ की प्रमुख पूरी होने पर उसको लेकर श्रमिक संगठनों की हड़ताल महाप्रबंधक के आश्वासन के बाद समाप्त हो गई। अब देखना यह है कि महाप्रबंधक भटगांव अपने आश्वासन के अनुसार श्रमिकों की बाकी मांगों को पूरा करने के लिए क्या कदम उठाते हैं। इस क्रमिक हड़ताल को सफल बनाने में श्रमिक संगठन एटक के मनोज पांडे, कौशल चंद्रा, कुंज बिहारी यादव इंटक के रविंद्र सिंह,राजेंद्र सिंह देव, संजय सिंह सीटू के अजय शर्मा, एम के विस्वकर्मा एच एम एस के सतीश तिवारी, विष्णु साहू, जगरनाथ पाण्डेए सहित चारो यूनियन के प्रमुख नेताओं तथा श्रमिक सदस्यों का विशेष योगदान रहा।

Afroj Khan

प्रधान संपादक रायपुर, छत्तीसगढ़

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