
सूरजपुर । सूरजपुर जिले के एस ई सी एल भटगांव के उच्च प्रबंधन की लापरवाही से बंद होने जा रहे भटगांव भूमिगत 1-2 खदान के सीटीओ के लिए आज से भारतीय कोयला मजदूर संघ (बी एम एस ) के द्वारा खदान के समझ अनिश्चितकालीन क्रमिक भूख हड़ताल किया जा रहा है। बीएमएस ने औधौगिक विवाद अधिनियम 1947 की धारा 22 (1) के तहत आन्दोलन की सूचना दे करके अपना कार्मिक भूख हड़ताल शुरू कर दिया है। विदित हो कि एसईसीएल भटगाँव क्षेत्र की भटगाँव 1-2 भूमिगत खदान पर्यावरणीय स्वीकृति व सीटीओ के आभाव में 31 अक्टूबर 24 को ही बंद हो जाने वाली थी। परंतु ट्रेड यूनियन के प्रतिनिधियों तथा मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयास से सरकार ने 1 साल का एक्सटेंशन देकर के खदान को बंद होने से बचा लिया था। अब 1 साल पूरा होने वाला है तथा खदान पर पूर्णता बंदी का खतरा मंडराने लगा है।

उप महामंत्री दिलीप मंडल ने बताया की भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) के प्रयास के तहत राज्य शासन द्वारा 31 अक्टूबर 2025 तक खदान को निर्धारित शर्तों को पूर्ण करने के साथ संचालन की अनुमति प्रदान की गई थी विडंबना ये है कि उक्त 01 वर्ष की अवधि में भटगाँव प्रबंधन द्वारा खदान के संचालन हेतु कोई भी सार्थक प्रयास नही किया गया। जिसकी वजह से 31 अक्टूबर को भटगांव भूमिगत खदान पूर्णता बंद हो जाएगा। सीटीओ नही मिलने से खदान नहीं चला सकते जिससे प्रबंधन खदान देगा। जिससे खदान में कार्यरत लगभग 1000 नियमित और 200 ठेका कामगारों के स्थानांतरण की संभावना है, जिससे उनके मध्य भय का वातावरण निर्मित हो चुका है। साथ ही इसका सीधा असर क्षेत्र के बड़े व छोटे व्यापारियों पर भी पड़ेगा।

अनिश्चिकालीन कार्मिक भूख हड़ताल 06 अक्टूबर से भटगाँव 1-2 भूमिगत खदान के समक्ष शुरू हो गया है। प्रबंधन इस बीच कोई रास्ता नहीं निकलता है तो 13 अक्टूबर से भटगाँव 1-2 खदान के समक्ष सड़क जाम कर अनिश्चितकालीन कोल संप्रेषण को बंद कराया जायगा। आज श्रमिक संगठन बीएमसी के नेता संजय सिंह, शरद सक्सेना, अशोक गुप्ता, हरजीत सिंह सहित सैकड़ो कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में भूख हड़ताल पर बैठने वाले उप महामंत्री दिलीप मंडल, प्रताप सिंह मरावी,राजेंद्र सिंह तथा हरेंद्र सिंह को फूल माला पहनाकर उनका उत्साह वर्धन किया गया। साथ ही श्रमिक नेताओं ने ने कहा कि प्रबंधन जल्द ही सी टी ओ प्राप्त नहीं करेगा तो अनिश्चितकालीन चक्का जाम किया जाएगा।




