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कांग्रेस द्वारा उम्मीदवार घोषित नहीं करने से चुनावी मौसम अभी तक फीका।

छ ग विधानसभा चुनाव में बीजेपी उम्मीदवार मैदान में और कांग्रेस के संभावित उम्मीदवार संशय में।

अफरोज खान

रायपुर । छत्तीसगढ़ में 2024 का चुनाव का शंखनाद हो गया है। प्रदेश में दो चरणों में मतदान होंगे। पहले चरण में 07 नवंबर को और दूसरे चरण 17 नवंबर को होगा। मतगणना की गणना 03 दिसंबर को और 5 दिसंबर को चुनाव की प्रक्रिया समाप्त हो जाएगा।

पहले चरण के 20 सीटों के लिए नामांकन की प्रकिया शुरू हो गई है। वहीं कांग्रेस ने अभी तक एक भी उम्मीदवारों का नाम ऐलान नहीं करने की वजह से चुनावी माहौल फिकी पड़ गई है। जबकि कांग्रेस के संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला का कहना है कि 14 या 15 अक्टूबर तक सभी 90 सीटों के प्रत्याशियों का नाम हाईकमान ऐलान कर देगा।

इधर भाजपा अपनी 85 प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी। चुनावी रण में इस बार बहुत सारे पुराना चेहरे और दिग्गज नेता को चुनावी मैदान में उतार गया है। छत्तीसगढ़ में 2023 चुनाव में तीन सासंद, एक केंद्रीय मंत्री को टिकट दिया गया, भाजपा की इस सूची को मास्टर स्टोक के रूप देखा जा रहा है। वहीं कांग्रेस की अभी तक सूची जारी नहीं हुई है। इससे राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है। खबर है कि 14 अक्टूबर की रात या 15 अक्टूबर तक कांग्रेस हाईकमान प्रत्याशियों के नाम पर मुहर लगा देगा। भाजपा ने चुनाव में पूरे दमखम के साथ जिताऊ उम्मीदवार को प्रत्याशी बनाया गया है। भूपेश सरकार को घेरने के लिए भाजपा भ्रष्टाचार, रोजगार, महंगाई और महिला सुरक्षा,अनियमित कर्मचारियों, संविदा कर्मचारी के मुद्दे को लेकर जनता के पास जाएगी। वहीं कांग्रेस अपने पांच साल के विकास कार्यों की उपलब्धि को लेकर जनता के पास जाएगी। कांग्रेस किसानों का ऋण माफ, शिक्षा की स्तर को सुधारने के लिए आत्मानंद स्कूल मीडियम समर्थन मूल्यों पर धान खरीदी, युवाओं का बेरोजगारी भत्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की वेतनमान में बढ़ोतरी, गोठान के माध्यम से कपोस्ट वर्मी खाद, महिला सशक्तिकरण व महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ग्रामीण आजीविका रीपा व गोठानों से जुड़ी महिलाओं को गांव में रोजगार सृजन, तेंदूपत्ता खरीदी में बढ़ोतरी, कोदो, कुटकी को समर्थन मूल्यों पर खरीदी, बिहान योजना के तहत स्व. सहायता योजना के तहत 20 लाख महिलाओं को जोड़ा कर जो काम किया है उसके भरोसे जीत का सपना देख रही है। कांग्रेस का मानना है की महिलाओं के लिए जिस तरह की योजनाएं संचालित की हैं, उससे छत्तीसगढ़ की महिलाएं न केवल आत्म निर्भर हुई हैं, सशक्त भी हुई हैं। छत्तीसगढ़ ग्रामीण आवास न्याय योजना, 9270 करोड़ रुपए का कृषि ऋण माफ, 325 करोड़ रुपए की सिंचाई कर माफ, न्याय योजनाओं के माध्य से किसानों, पशुपालकों, वनोपज संग्राहकों और खेतिहर मजदूरों को आर्थिक संबल 1 लाख 60 हजार करोड़ की आर्थिक मदद जैसे अपनी उपलब्धि को लेकर कांग्रेस वोट मांगेगी।

 

कांग्रेस और बीजेपी के साथ साथ छत्तीसगढ में आम आदमी पार्टी (आप), जनता जोगी कांग्रेस,बी.एस.पी भी चुनावी मैदान में जोर आजमाइश कर रहे हैं। देखने वाली बात यह है कि जनता दरबार इन पार्टियों को कितने सीट मिलेगी। दावा तो सभी पार्टी कर रहे हैं कि हमारी पार्टी की सरकार बनेगी लेकिन इसका फैसला तो तीन दिसंबर को होगा।

Afroj Khan

प्रधान संपादक रायपुर, छत्तीसगढ़

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