
नई दिल्ली। मानकीकरण समिति की बैठक कोर्ट के आदेश से स्थगित हो गई, ट्रेड यूनियनों के आपसी झगड़े का नुकसान मज़दूरों को उठाना पडे यह एटक को मंजूर नही है। प्रबंधन पर सरकार के अनैतिक दबाव का ही नतीजा है कि मानकीकरण समीति की बैठक नहीं हुई,यदि जेबीसीसीआई11 की बैठक में इंटक शामिल हो सकती है तो मानकीकरण समिति की बैठक में क्यों नही उसे बुलाया जा सकता था। जो भी हो मज़दूरों को चाहिए पूजा से पहले सलाना बोनस का पैसा । इसलिए एटक ने प्रबंधन से माँग किया है कि दुर्गा पूजा के पहले कोयला मज़दूरों को एक एक लाख रुपये बतौर एडवांस दे तथा ठेका मज़दूरों को 8.33% के हिसाब से एडवांस के रूप मे भुगतान करे। इस माँग को लेकर एटक दिगर यूनियनों के साथ मिलकर आंदोलन करेगी। मज़दूर साल भर जान जोखिम में डाल कर कोयला उत्पादन करता है और कोल इंडिया का मुनाफा होता है। उसे वर्षो से चली आ रही परिपाटी का इंतज़ार रहता है कि दूर्गा पूजा के अवसर पर सलाना बोनस मिलेगा। मज़दूरों को बोनस मिले यह युनियन की नैतिक ज़िम्मेदारी है,इसीलिए साथियों को मालूम है कि प्रबंधन पर एवं सरकार पर दबाव बनाने के लिए कैसे आंदोलन किया जाता है। फिर भी आप कल से ही दूर्गा पूजा के पहले एक लाख रुपये कोयला मज़दूरों को भुगतान करो के नारे साथ मैदान मे उतर जायें सफलता जरूर मिलेगी। आई एम डबल्यू एफ (एटक )के महामंत्री कामरेड रमेन्द्र कुमार के निर्देश का पालन करें। यह बात आई एम डबल्यू एफ के संयुक्त महामंत्री कामरेड हरिद्वार सिंह ने बतौर जानकारी दी है।



