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बाल श्रम रोके बाल शिक्षा नहीं

सूरजपुर। कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देशानुसार एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग के मार्गदर्शन में जिला बाल संरक्षण इकाई तथा चाईल्ड लाईन के द्वारा सतत निरीक्षण कार्य किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान दल द्वारा विश्रामपुर शहरी क्षेत्र के बस स्टैण्ड, मुख्य मार्ग के दुकानों, बाजारों, अम्बेड़कर मार्ग एवं रेल्वे स्टेशन में निरीक्षण किया गया। इस दौरान कोई भी बालक भिक्षा मांगते हुए नहीं पाया गया। विश्रामपुर के बस स्टैण्ड में ऑटो रिक्शा चालकों को ऐसे बच्चें की जानकारी प्रदान की गयी। जिससे प्रेरित होकर रिक्शा चालक बाल मित्र के रूप में जोखिम युक्त बालकों की जानकारी विभाग को देने एवं टोल फ्री नंबर पर सूचना प्रदान करने हेतु तैयार किया गया। जो इस तरह के बच्चें यदि दिखे तो उनकी सूचना विभाग को दे सके। बाजार में दल द्वारा घुमकर दुकानदारों, होटलों को भिक्षावृत्ति में लिप्त नाबालिक बालकों को भीख में खाने पीने का सामान, चॉकलेट, बिस्कीट, सब्जी इत्यादि देकर भीख मांगने हेतु प्रोत्साहित न करने की जानकारी एवं समझाइश दी गयी। साथ ही समझाइश देते हुए अवगत कराया गया कि कोई भी बच्चा अकेले या अपने परिजनों के साथ भी भीख मांगते हुए दिखाई देता है, तो आप चाईल्ड लाईन को टोल फ्री नंबर 1098 पर संपर्क कर सूचना प्रदान कर सकते है। दुकानदारों को नाबालिक बालकों से कार्य न लेते हुए बाल श्रम हेतु बालकों को प्रोत्साहित न करने की भी समझाइश दी गयी।

किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम 2015 की धारा 76 के तहत यदि कोई व्यक्ति भीख मांगने के लिए बालक का नियोजन प्रयोग करता है अथवा किसी बालक से भीख मंगवाता है, ऐसे में उसे पांच वर्ष तक का कारावास और साथ में एक लाख रूपये के अर्थदण्ड से दण्डनीय अपराथ की श्रेणी में रखा गया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी चंद्रबेस सिंह सिसोदिया द्वारा जन समुदाय से अपील किया गया है कि वह बच्चों को सुरक्षित करने हेतु आगे आये। बच्चों को भीख देकर उन्हें भीख मांगने हेतु प्रोत्साहित न करते हुए 1098 या फिर बाल संरक्षण विभाग के टोल फ्री नंबर 7489692746 में सूचना दे ताकि उनके भविष्य को सवांरा जा सके एवं उन्हें शासन कि विभिन्न योजनाओं से जोड़ा जा सके तथा लाभ दिया जा सकें।

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