कृषि को और फायदे में लाने व गांवों को अधिक समृद्ध बनाने के लिए विद्यार्थी एवं युवा योगदान दें- श्री तोमर
नियाम, जयपुर के दीक्षांत समारोह एवं एग्री इनोवेशन व इन्क्यूबेशन सेंटर का केंद्रीय कृषि मंत्री ने किया उद्घाटन
नियाम में 60 सीटें बढ़ाने तथा होस्टल में रहने की बाध्यता समाप्त करने की घोषणा
नई दिल्ली। चौधरी चरणसिंह राष्ट्रीय कृषि विपणन संस्थान (चौ.च.सिं – नियाम) के पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन एग्री बिजनेस मैनेजमेंट का चतुर्थ दीक्षांत समारोह एवं एग्री इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन सेंटर का उद्घाटन आज जयपुर में मुख्य अतिथि केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किया। केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री श्री कैलाश चौधरी विशिष्ट अतिथि थे। इस अवसर पर श्री तोमर ने कहा कि कृषि क्षेत्र की बेहतरी के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लगातार काम कर रही है। देश में कृषि क्षेत्र को और फायदे में लाने तथा गांवों को अधिक समृद्ध बनाने के लिए कृषि से जुड़े विद्यार्थी एवं युवा भी अपना योगदान प्रदान करें। श्री तोमर ने नियाम में और 60 सीटें बढ़ाने तथा होस्टल में रहने की बाध्यता समाप्त करने की घोषणा की।

केंद्रीय मंत्री श्री तोमर ने कहा कि कृषि क्षेत्र महत्वपूर्ण है, जिसमें सबकी रूचि बढ़े, युवाओं का भी इसके प्रति आकर्षण हो, यह हम सबकी जिम्मेदारी है। कृषि क्षेत्र में आजीविका है, लेकिन साथ ही इसमें किसानों की देशभक्ति भी है, वह इसलिए क्योंकि कृषि उत्पादन के बिना काम नहीं चल सकता। कृषि क्षेत्र में अनेक चुनौतियां है, जिनका समाधान करने के लिए टेक्नालाजी का उपयोग करते हुए केंद्र सरकार, राज्यों के सहयोग से सफलतापूर्वक आगे बढ़ रही है। महंगी फसलों की ओर बढ़ना, फसल विविधीकरण, उपज बिक्री में बिचौलियों की समाप्ति जैसी अनेक चुनौतियों से योजनाबद्ध ढंग से निपटा जा रहा है। श्री तोमर ने कहा कि वैज्ञानिकों ने कृषि क्षेत्र में काफी काम किया है, वहीं किसानों के अथक परिश्रम के साथ ही सरकार की किसान हितैषी नीतियों के कारण कृषि में अभूतपूर्व प्रगति हुई है। अधिकांश कृषि उत्पादों के मामले में हिंदुस्तान आज विश्व में पहले या दूसरे नंबर पर है, जिसे सभी मिलकर और अग्रणी बनाएं। दुनिया की भारत से खाद्यान्न को लेकर काफी अपेक्षाएं है, जिसे हम पूरा कर रहे हैं और आगे भी करते रहना है। कृषि अनुसंधान निरंतरता का क्रम है, वहीं किसानों की मेहनत और सरकार के प्रयासों में भी कहीं कोई कमी नहीं है। आजीविका के लिए नौकरी जरूरी है, लेकिन साथ ही कृषि क्षेत्र को और बेहतर करना भी जरूरी है, क्योंकि इस पर देश की 56 प्रतिशत आबादी निर्भर है।



